फिरोजाबाद: कोबरा पकड़ने गए सपेरे को नागिन ने डसा, जिला अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
मदद की भारी कीमत: जरोली कलां गांव में ग्रामीणों की मदद करने पहुंचे सपेरे को नागिन ने डसा

मदद की भारी कीमत: जरोली कलां गांव में ग्रामीणों की मदद करने पहुंचे सपेरे को नागिन ने डसा
हाथ के अंगूठे पर काटा: कोबरा को पकड़ने के दौरान हुआ हादसा, मौके पर मची अफरा-तफरी।
समय पर मिला इलाज: ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत जिला अस्पताल में कराया भर्ती।
डॉक्टरों की निगरानी: चिकित्सक लगातार रख रहे हैं नजर, हालत में सुधार के प्रयास जारी।
रामपाल चौधरी,एपीसी न्यूज़
फिरोजाबाद
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के टूंडला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जरोली कलां गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक घर में निकले जहरीले सांप (कोबरा) को पकड़ने गए 50 वर्षीय सपेरे को नागिन ने डस लिया। सांप के काटते ही सपेरे की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
कन्हैयालाल के घर सांप निकलने पर पहुंचे थे वसीर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जरोली कलां गांव के रहने वाले वसीर (50 वर्ष) पुत्र मौलाबक्स को शुक्रवार रात सूचना मिली कि गांव के ही कन्हैयालाल के घर में एक अत्यधिक जहरीला सांप निकला है। ग्रामीण काफी डरे हुए थे, इसलिए वसीर हमेशा की तरह लोगों की मदद के लिए वहां पहुंच गए।
पकड़ने के दौरान अंगूठे पर मार दिया डंक
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वसीर जैसे ही कोबरा प्रजाति की उस नागिन को पकड़ने का प्रयास कर रहे थे, तभी अचानक नागिन ने पलटकर उनके हाथ के अंगूठे पर डस लिया। सांप के काटते ही वसीर के शरीर में जहर फैलने लगा और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। यह देख मौके पर मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
पीड़ित वसीर ने बताया कि: “हमारा परिवार वर्षों से गांवों और घरों में निकलने वाले जहरीले सांपों को पकड़कर लोगों की जान बचाता आ रहा है। यह हमारा पुश्तैनी काम है, लेकिन इस बार कोबरा को काबू करने के दौरान एक छोटी सी चूक भारी पड़ गई और मैं स्वयं उसका शिकार हो गया।”
समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने समझदारी दिखाई और वसीर को लेकर सीधे जिला अस्पताल भागे। डॉक्टरों ने बिना देर किए उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया और उन्हें इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की विशेष निगरानी (Observation) में रखा गया है।
अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों का कहना है कि मरीज को बिल्कुल सही समय पर अस्पताल ले आया गया था, जिसके कारण एंटी-वेनम और जरूरी दवाइयां तुरंत शुरू कर दी गईं। फिलहाल उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में वसीर के साहस की चर्चा है और लोग उनके जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं।



