रामनगर, नैनीताल: उत्तराखंड पुलिस ने नैनीताल के रामनगर में एक निजी रिसॉर्ट से चल रहे कथित हाई-प्रोफाइल देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ किया है। सावल्दे इलाके में एकॉर्न रिसॉर्ट में देर रात हुए छापे के दौरान मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू), विशेष अभियान दल (एसओजी) और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने एक नाबालिग लड़की समेत 52 पुरुषों और 10 महिलाओं को हिरासत में लिया।
नाबालिग को बरामद करने के बाद पुलिस ने यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधान भी लगाए हैं। इस कार्रवाई के दौरान रिसॉर्ट का महाप्रबंधक कथित तौर पर मौके से फरार हो गया। अधिकारियों ने जारी जांच के तहत रिसॉर्ट को सील कर दिया है।
पुलिस जांच में सामने आई सुनियोजित निजी पार्टी
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि यह जमावड़ा उत्तर प्रदेश के मेरठ के एक कारोबारी ने आयोजित किया था, जिसने कथित तौर पर कारोबारी सहयोगियों से जुड़े एक निजी आयोजन के लिए रिसॉर्ट पहले से बुक कराया था।
जांचकर्ताओं ने बताया कि रिसॉर्ट की बुकिंग आयोजन से करीब दस दिन पहले कराई गई थी और कथित तौर पर अग्रिम भुगतान किया गया था। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या महिलाओं को व्यावसायिक यौन शोषण के लिए बिचौलियों के जरिए इस स्थल पर लाया गया था।
ये आरोप जारी जांच का हिस्सा हैं और इन दावों की अभी अदालत में पुष्टि नहीं हुई है।

प्रवेश रजिस्टर गायब, रिसॉर्ट जांच के दायरे में
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब छापा मारा गया, तब तेज संगीत बज रहा था और कई लोग कथित तौर पर रिसॉर्ट के अंदर गतिविधियों में शामिल थे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि मौजूद लोगों के नाम कथित तौर पर अनिवार्य अतिथि रजिस्टर में दर्ज नहीं किए गए थे।
अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या रिसॉर्ट ने आतिथ्य और लाइसेंसिंग नियमों का उल्लंघन किया।
छापे के दौरान जब्त सामान
पुलिस ने बताया कि उन्होंने परिसर से कई सामान बरामद किए, जिनमें शामिल हैं:
- पार्टी के दौरान इस्तेमाल के लिए कथित तौर पर रखे गए नकली ₹10 के नोटों के बंडल
- आयातित शराब के तीन कार्टन और बीयर का एक कार्टन
- एक लैपटॉप और तीन स्मार्टफोन
- एक हाई-पावर्ड म्यूजिक सिस्टम और साउंड उपकरण
- अन्य सामग्री जिसे जांचकर्ताओं ने आपत्तिजनक बताया
जब्त की गई वस्तुओं को साक्ष्य के रूप में कब्जे में ले लिया गया है।
कई कानूनों के तहत मामले दर्ज
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों और फरार महाप्रबंधक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (आईटीपीए), पॉक्सो अधिनियम, आबकारी अधिनियम और किशोर न्याय (जेजे) अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस कथित रैकेट के संबंध उत्तराखंड से बाहर भी थे। फरार रिसॉर्ट प्रबंधक का पता लगाने के प्रयास जारी हैं, जबकि जांच के दायरे में आए व्यक्तियों की पृष्ठभूमि सत्यापित करने के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को भी सूचित किया गया है।
जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।


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