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सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
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पीएम मोदी, एंथनी अल्बानीज़ ने मेलबर्न CEO फ़ोरम में की भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को और गहरा करने की अपील

मेलबर्न | एजेंडा पोस्ट — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बानीज़ ने गुरुवार को भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी…

पीएम मोदी, एंथनी अल्बानीज़ ने मेलबर्न CEO फ़ोरम में की भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को और गहरा करने की अपील
Prime Minister Narendra Modi and his Australian counterpart Anthony Albanese on Thursday reaffirmed their commitment to expanding the India-Australia Comprehensive Strategic Partnership

मेलबर्न | एजेंडा पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बानीज़ ने गुरुवार को व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान के साथ भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विस्तार की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फ़ोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिज़नेस रिसेप्शन में व्यापारिक नेताओं को संबोधित करते हुए दोनों नेताओं ने ऐसे समय में द्विपक्षीय सहयोग के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया जब वैश्विक अर्थव्यवस्था भू-राजनीतिक अनिश्चितता, आपूर्ति शृंखला व्यवधानों और ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों का सामना करती रहती है।

इस आयोजन ने आर्थिक सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं और निवेशकों को एक मंच पर लाया। चर्चा वाणिज्यिक संबंधों को मज़बूत करने, सीमा-पार निवेश को प्रोत्साहित करने और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए अहम माने जाने वाले क्षेत्रों—स्वच्छ ऊर्जा, अहम खनिज, उन्नत विनिर्माण, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल नवाचार और मज़बूत आपूर्ति शृंखलाओं—में सहयोग तेज़ करने पर केंद्रित रही।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया को "स्वाभाविक और भरोसेमंद साझेदार" बताया जिनका रिश्ता पिछले कुछ वर्षों में लगातार विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य ने समान विचारधारा वाले लोकतंत्रों के लिए सहयोग को और गहरा करना तथा भविष्य के भू-राजनीतिक और आर्थिक झटकों को झेलने में सक्षम भरोसेमंद आर्थिक साझेदारियाँ बनाना आवश्यक बना दिया है।

"आप सभी की उपस्थिति हमारे साझा विश्वास और साझा आकांक्षाओं को दर्शाती है," प्रधानमंत्री ने व्यापारिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि दुनिया आपूर्ति शृंखला व्यवधानों और ऊर्जा चुनौतियों से चिह्नित एक अनिश्चित दौर से गुज़र रही है, और साथ ही कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी-अपनी ताकतों को मिलाकर दीर्घकालिक सहयोग के लिए पहले ही एक मज़बूत आधार तैयार कर लिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी रणनीतिक क्षेत्रों में विस्तार करती रहेगी, जिससे कारोबार के लिए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक मज़बूती बढ़ेगी।

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प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन-देशीय यात्रा के इंडोनेशिया चरण को पूरा करने के बाद बुधवार को ऑस्ट्रेलिया पहुँचे। मेलबर्न में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जहाँ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दोनों देशों की साझा विरासत और जन-से-जन संबंधों का जश्न मनाया।

रिसेप्शन के मुख्य आकर्षणों में से एक ऑस्ट्रेलिया-इंडिया ऑर्केस्ट्रा द्वारा माँ तुझे सलाम की प्रस्तुति थी। सोशल मीडिया पर इस प्रस्तुति का वीडियो साझा करते हुए मोदी ने इसे एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि बताया जो समाजों को एक साथ लाने में संगीत की शक्ति को दर्शाती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह प्रस्तुति विशेष महत्व रखती है क्योंकि भारत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगाँठ मना रहा है, और इसे इस गीत की स्थायी वैश्विक अपील का एक और उदाहरण बताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के पारंपरिक डिजरिडू और भारत के तबले के बीच एक अनूठा संगीतमय सहयोग भी शामिल था, जिसे रॉन मरे और डॉ. सैम इवांस ने प्रस्तुत किया। कलाकारों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रस्तुति भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गहरे सांस्कृतिक बंधन का प्रतीक है और साथ ही स्वदेशी तथा शास्त्रीय संगीत परंपराओं के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करती है।

मोदी ने रिसेप्शन के दौरान एक कथक प्रस्तुति भी देखी और ऑस्ट्रेलिया में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की बढ़ती सराहना का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान आपसी समझ को मज़बूत करते हैं और दोनों देशों के बीच विस्तृत हो रही रणनीतिक साझेदारी के पूरक घनिष्ठ जन-से-जन संबंध को सुदृढ़ करते हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा, प्रधानमंत्री की यात्रा में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चाओं पर ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है। अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान, मोदी और अल्बानीज़ रक्षा और समुद्री सुरक्षा, व्यापार और निवेश, शिक्षा, अनुसंधान सहयोग, कुशल गतिशीलता, खेल, स्वच्छ ऊर्जा, अहम प्रौद्योगिकियों और हिंद-प्रशांत में क्षेत्रीय सहयोग को कवर करने वाली व्यापक वार्ता करेंगे। दोनों पक्षों के अधिकारियों से भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करने और द्विपक्षीय वाणिज्य को बढ़ाने के नए अवसरों की पहचान करने की भी उम्मीद है।

रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा एक महत्वपूर्ण समय पर हो रही है क्योंकि दोनों देश आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने, आर्थिक सुरक्षा को मज़बूत करने और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों से पैदा हुई कमज़ोरियों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने हाल के वर्षों में अहम खनिजों, नवीकरणीय ऊर्जा, साइबर सुरक्षा और रक्षा में सहयोग का लगातार विस्तार किया है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक हितों के व्यापक अभिसरण को दर्शाता है।

CEO फ़ोरम में शामिल व्यापारिक नेताओं ने भी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ती पूरकता पर ज़ोर दिया। भारत का विस्तृत होता विनिर्माण आधार, डिजिटल अर्थव्यवस्था और विशाल उपभोक्ता बाज़ार, ऑस्ट्रेलिया की संसाधनों, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और नवाचार में ताकतों के साथ मिलकर दीर्घकालिक निवेश और औद्योगिक सहयोग के नए अवसर पैदा करने की उम्मीद है।

अपनी कूटनीतिक यात्रा के ऑस्ट्रेलिया चरण के बाद, प्रधानमंत्री मोदी न्यूज़ीलैंड की यात्रा करने वाले हैं, जहाँ वे प्रशांत क्षेत्र के साथ भारत के जुड़ाव को और मज़बूत करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इस यात्रा से आर्थिक साझेदारियों को बढ़ाने, रणनीतिक सहयोग का विस्तार करने और हिंद-प्रशांत में अपनी उपस्थिति को सुदृढ़ करने की नई दिल्ली की व्यापक रणनीति को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।

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