नई दिल्ली : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को कहा कि यदि केंद्र के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक में सभी राज्यों में लोकसभा सीटों में 50 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है, तो उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी।
उनकी यह टिप्पणी शरद पवार नीत NCP (SP) की भविष्य की दिशा को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों और उन खबरों के बीच आई है जिनमें कहा जा रहा है कि पार्टी के विधायकों का एक धड़ा भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ नजदीकी रिश्तों का पक्षधर है।
पार्टी के रुख पर बोलते हुए सुले ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर NCP (SP) की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार यह कहती रही है कि वह इस विधेयक का समर्थन तभी करेगी जब संसदीय सीटों में प्रस्तावित वृद्धि को विधेयक में शामिल किया जाए।
सुले ने यह भी बताया कि केंद्र ने अभी तक कोई नया परिसीमन विधेयक पेश नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जब यह विधेयक संसद में पेश होगा, तो पार्टी सामूहिक निर्णय लेने से पहले इंडिया गठबंधन के अपने सहयोगियों के साथ इस पर चर्चा करेगी।
सुले के अनुसार, विपक्ष यह भी उम्मीद करता है कि केंद्र सरकार एक स्पष्ट परिसीमन फॉर्मूला प्रस्तुत करे जिसमें यह बताया जाए कि संसदीय क्षेत्रों को कैसे पुनर्निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सहित कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान पहले भी इसी तरह की चिंताएं जताई थीं।
भाजपा से गठबंधन की अटकलों से इनकार
NCP (SP) के भाजपा के करीब जाने की खबरों पर सुले ने अटकलों को खारिज किया और कहा कि राजनीतिक मुलाकातों को स्वतः गठबंधन वार्ता के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए।
उन्होंने एक संसदीय समिति के दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक नेताओं के बीच बातचीत लोकतांत्रिक कामकाज का हिस्सा है और इसे किसी आसन्न गठबंधन के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
यह स्पष्टीकरण वरिष्ठ NCP नेताओं और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हाल की मुलाकातों के बाद आया है, जिससे राज्य में संभावित राजनीतिक पुनर्संरेखण को लेकर अटकलें शुरू हो गई थीं।
इस बीच, महाराष्ट्र NCP (SP) अध्यक्ष जयंत पाटिल ने भी विलय की बातचीत या सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने के किसी प्रस्ताव की खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ उनकी हाल की मुलाकात पूरी तरह इस्लामपुर नगर परिषद से संबंधित प्रशासनिक मामलों से जुड़ी थी और इसका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था।
पाटिल ने पार्टी संस्थापक शरद पवार के प्रति अपनी निष्ठा फिर से दोहराई और कहा कि पार्टी उनके नेतृत्व में एकजुट है, तथा इसके विपरीत सुझाव देने वाली मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया।
राजनीतिक महत्व
यह बहस परिसीमन प्रक्रिया पर केंद्र के अपेक्षित कदम से पहले महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि NCP (SP) की विधायी उपस्थिति अपेक्षाकृत छोटी है, प्रमुख संवैधानिक विधेयकों पर चर्चा के दौरान उसकी संसदीय ताकत महत्वपूर्ण बन सकती है।
पार्टी का ताजा बयान संकेत देता है कि जहां वह परिसीमन विधेयक का समर्थन करने के लिए तैयार है, वहीं उसका समर्थन लोकसभा सीटों में पर्याप्त वृद्धि के जरिए न्यायसंगत प्रतिनिधित्व की चिंताओं को दूर करने वाले संशोधनों पर निर्भर करेगा।


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