आगरा | द ओपन प्रेस
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गुरुवार को अपने 78वें स्थापना दिवस को राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाते हुए आगरा के संजय प्लेस स्थित सूरसदन ऑडिटोरियम में एक भव्य छात्र महोत्सव का आयोजन किया। इस आयोजन ने शिक्षा, नेतृत्व और राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की भूमिका का जश्न मनाने के लिए विद्यार्थियों, शिक्षाविदों और सामाजिक नेताओं को एक साथ लाया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुई। विद्यार्थियों ने देशभक्ति और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों की जोरदार तालियां मिलीं। कार्यक्रम का संचालन प्रथम गोयल ने किया।
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मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि विद्यार्थी देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और भारत का भविष्य गढ़ने में उनकी निर्णायक भूमिका है।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एबीवीपी ने पिछले 78 वर्षों में राष्ट्रवादी छात्र नेतृत्व को संगठित करने और शिक्षा, सामाजिक विकास तथा राष्ट्रहित में योगदान देने का काम किया है। उन्होंने युवाओं को "राष्ट्र सर्वप्रथम" की भावना के साथ काम करने और देश की प्रगति में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा, "विद्यार्थी किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। उनके विचार, ऊर्जा और प्रतिबद्धता ही भारत के भविष्य की दिशा तय करेंगे। युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।"
कार्यक्रम की अध्यक्षता एम.पी.एस. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर ए.के. सिंह ने की। उन्होंने कहा कि एबीवीपी लगातार विद्यार्थियों के बीच नेतृत्व गुण, अनुशासन और सेवा भावना विकसित करने के लिए काम करती रही है। उनके अनुसार, ऐसे मंच युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर प्रदान करते हुए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को पहचानने में मदद करते हैं।
मुख्य संबोधन एबीवीपी की राष्ट्रीय मंत्री क्षमा शर्मा ने दिया, जिन्होंने संगठन को एक छात्र संगठन से कहीं बढ़कर बताया।
उन्होंने कहा, "एबीवीपी केवल एक छात्र संगठन नहीं है; यह राष्ट्र-निर्माण को समर्पित एक आंदोलन है। हर कार्यकर्ता शिक्षा, सेवा और मूल्यों के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम करता है।"

उन्होंने विद्यार्थियों से भारत की सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहते हुए नवाचार और उभरती तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। उनके अनुसार, संगठन का उद्देश्य केवल शैक्षणिक योग्यता वाले स्नातक तैयार करने के बजाय ऐसे जिम्मेदार नागरिक विकसित करना है जो समाज में सार्थक योगदान दें।
आयोजन के दौरान वक्ताओं ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक पहलों में युवाओं की भागीदारी और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की जरूरत के महत्व को रेखांकित किया। विद्यार्थियों ने भारत की विरासत को दर्शाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया, जिसने देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश को और मजबूत किया।
कार्यक्रम का समापन करते हुए एबीवीपी आगरा महानगर अध्यक्ष डॉ. राजेश कुशवाहा ने कहा कि संगठन लगातार विद्यार्थियों के कल्याण के लिए काम करता रहा है और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों की चिंताओं का समाधान करने तथा राष्ट्र-निर्माण में अपने योगदान को मजबूत करने के अपने प्रयास जारी रखेगा।
महानगर मंत्री शिवांग खंडेलवाल ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए आयोजन को सफल बनाने के लिए अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपस्थित रहने वालों में विभाग संगठन मंत्री रजत जोशी, सागर राणा, अभिषेक मौर्य, पुनीत कुमार, दीपक कश्यप, नितिन दुबे, प्रीति बघेल, भुवनेश्वर उपाध्याय, दीक्षा चौधरी, रोनित परमार, तपस्या त्रिपाठी, विवेक सिंह, शिवम कोली, रचित यादव, दीपक बजरंगी, ललित चौधरी, आशीष पांडे, अतिशय जैन, आयुष कश्यप, आयुष यादव, रितेश, यश, अतुल, हर्ष वर्धन, कार्तिक, सागर के साथ-साथ बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक शामिल रहे।


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