देहरादून/बद्रीनाथ: बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं पर तेज़ प्रशासनिक कार्रवाई हुई है, जिसमें बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने एक प्रारंभिक जाँच में प्रक्रियागत अनियमितताओं के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है।
निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल, जो BKTC अध्यक्ष के कार्यालय से संबद्ध थे, को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निलंबन जारी जाँच का हिस्सा है और यह दोष का अंतिम निर्धारण नहीं है।
प्रारंभिक जाँच में अनियमितताएँ उजागर
BKTC अधिकारियों के अनुसार, मंदिर में दान की गिनती को लेकर आरोप सामने आने के बाद एक चार-सदस्यीय आंतरिक जाँच समिति ने उपलब्ध दस्तावेज़ों, सीसीटीवी फ़ुटेज और संबंधित कर्मियों के बयानों की जाँच की।
समिति के प्रारंभिक निष्कर्षों में संभावित अनियमितताओं का संकेत मिला, जिसके चलते जाँच जारी रहते हुए कर्मचारी के खिलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
उत्तराखंड सरकार ने स्वतंत्र जाँच के आदेश दिए
आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एक तीन-सदस्यीय उच्च-स्तरीय जाँच समिति गठित की है।
इस समिति को एक स्वतंत्र जाँच करने और निर्धारित समय के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा गया है।
सीसीटीवी फ़ुटेज की जाँच
जाँचकर्ता यह पता लगाने के लिए सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, दान रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज़ी साक्ष्यों की समीक्षा कर रहे हैं कि क्या मंदिर के चढ़ावे की गिनती के दौरान कोई वित्तीय अनियमितता हुई।
मंदिर परिसर के भीतर सीसीटीवी कैमरे बदले जाने पर भी सवाल उठे थे। BKTC अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव एक नियमित तकनीकी उन्नयन का हिस्सा था और पिछली डिजिटल रिकॉर्डिंग जाँच के लिए सुरक्षित रखी गई हैं।
सार्वजनिक आरोपों के बाद सामने आया मामला
यह विवाद तब उभरा जब दान गिनती प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं को लेकर आरोप सोशल मीडिया पर फैले, जिसके बाद औपचारिक शिकायतें दर्ज हुईं।
इसके बाद मंदिर समिति और राज्य सरकार दोनों ने तथ्यों का पता लगाने के लिए अलग-अलग जाँचें शुरू कीं।
जाँच अभी जारी
अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा है कि जाँच अभी जारी है और इस चरण में कोई आपराधिक ज़िम्मेदारी तय नहीं की गई है। कोई भी आगे की प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई अंतिम जाँच रिपोर्टों के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि जब तक जाँच पूरी नहीं हो जाती, तब तक अटकलों से बचें।


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