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मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
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बारुईपुर नाबालिग दुष्कर्म और हत्या से पश्चिम बंगाल में आक्रोश; ममता बनर्जी के 'नजरबंदी' दावे पर सियासी घमासान

कोलकाता: कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के कथित दुष्कर्म और हत्या ने पूरे पश्चिम बंगाल में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है, साथ ही एक सियासी टकराव को भी…

बारुईपुर नाबालिग दुष्कर्म और हत्या से पश्चिम बंगाल में आक्रोश; ममता बनर्जी के 'नजरबंदी' दावे पर सियासी घमासान
A minor girl's alleged rape and murder in the Baruipur area on the southern outskirts of Kolkata has triggered widespread outrage across West Bengal

कोलकाता: कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के कथित दुष्कर्म और हत्या ने पूरे पश्चिम बंगाल में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है, साथ ही सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच एक सियासी टकराव को भी जन्म दिया है।

पीड़िता, जो कथित तौर पर शनिवार से लापता थी, रविवार को एक तालाब में मृत पाई गई। उसके परिवार ने आरोप लगाया कि हत्या से पहले उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया। शुरू में पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज नहीं किया। हालांकि, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अधिकारियों ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दुष्कर्म के आरोप जोड़े।

भीड़ के हमले में संदिग्ध की मौत

शव मिलने से स्थानीय निवासियों में गुस्सा फैल गया। एक भीड़ ने कथित तौर पर आरोपियों में से एक पर हमला कर दिया, जिसकी बाद में चोटों के कारण मौत हो गई। पुलिस ने इस भीड़ हत्या की एक अलग जांच शुरू कर दी है।

अधिकारियों ने कहा कि अब चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें POCSO अधिनियम के तहत दुष्कर्म का मामला, नाबालिग की हत्या, प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित हमले, और आरोपी की भीड़ द्वारा हत्या शामिल हैं।

पुलिस की गिरफ्तारियां और SIT जांच

बारुईपुर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और बाद में एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में लिया, जबकि तीन अन्य व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। अपराध की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है, क्योंकि अधिकारी आगे हिंसा रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

पुलिस महानिरीक्षक (प्रेसीडेंसी रेंज) कंकर प्रसाद बरुई ने निवासियों को आश्वासन दिया कि जांच निष्पक्ष होगी और अपराध में शामिल हर व्यक्ति को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

एक सार्वजनिक घोषणा के माध्यम से स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाए।

निवासियों का पुलिस पर देरी का आरोप

कई स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि लड़की के लापता होने के बाद पुलिस ने तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी।

एक निवासी ने ANI को बताया कि पीड़िता शाम की प्रार्थना के बाद एक दोस्त के जन्मदिन समारोह में गई थी लेकिन घर नहीं लौटी। परिवार उस रात बाद में पुलिस के पास पहुंचा, लेकिन उनका आरोप है कि शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।

निवासियों ने कहा कि उन्होंने बाद में खुद CCTV फुटेज की जांच की, एक संदिग्ध की पहचान की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने अपराध स्वीकार किया और फिर पुलिस को उस स्थान तक ले गया जहां से लड़की का शव बरामद किया गया।

सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज

यह घटना जल्द ही एक राजनीतिक विवाद में बदल गई।

तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पीड़िता के परिवार से मिलने बारुईपुर जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें प्रभावी रूप से "नजरबंद" कर दिया गया।

TMC राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कोलकाता के कालीघाट इलाके में ममता बनर्जी के आवास के बाहर पुलिसकर्मियों को दिखाने वाली तस्वीरें साझा कीं। पार्टी के कई नेता भी उनके आवास के बाहर एकत्र हुए।

TMC सांसद दोला सेन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बनर्जी को अपने घर से निकलने से रोका, और इस स्थिति को "आपातकाल जैसी" बताया।

BJP ने आरोपों को खारिज किया

BJP ने आरोपों को खारिज करते हुए "नजरबंदी" के दावे को निराधार बताया।

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों को केवल ममता बनर्जी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके प्रस्तावित दौरे के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैनात किया गया था।

BJP प्रवक्ता किया घोष ने कहा कि अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने TMC पर घटना को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया, साथ ही लोगों से जांच पर भरोसा बनाए रखने का आग्रह किया।

स्थानीय BJP नेता ने आरोपों से किया इनकार

विवाद के बीच स्थानीय BJP नेता शांतनु मंडल ने इन आरोपों से इनकार किया कि उन्होंने किसी आरोपी को भागने में मदद की।

मीडिया से बात करते हुए मंडल ने कहा कि BJP कार्यकर्ताओं ने खुद CCTV फुटेज के जरिए एक संदिग्ध की पहचान की, उसे हिरासत में लिया और पुलिस के हवाले किया। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध ने स्वीकार किया कि अपराध में चार लोग शामिल थे और आरोप लगाया कि पीड़िता का गला घोंटा गया था।

अभिषेक बनर्जी ने परिवार से बात की

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने बाद में फोन पर पीड़िता के परिवार से बात की और बातचीत का एक वीडियो फेसबुक पर साझा किया।

परिवार के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द सबसे कठोर सजा मिलनी चाहिए।

आरजी कर अस्पताल मामले की यादें ताजा

बारुईपुर की घटना ने अगस्त 2024 के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मामले की यादें ताजा कर दी हैं, जहां एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ अस्पताल परिसर के भीतर कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या की गई थी, जिससे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और पश्चिम बंगाल में तीव्र राजनीतिक आलोचना छिड़ गई थी।

इस ताजा अपराध ने एक बार फिर राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और कानून प्रवर्तन की प्रभावशीलता पर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जबकि जांच और राजनीतिक प्रतिक्रिया दोनों जारी हैं।

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