नई दिल्ली | भारतीय हॉकी के भविष्य ने बड़ा संदेश दिया है। चीन के मोकी में आयोजित एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 में भारत की पुरुष और महिला, दोनों जूनियर टीमों ने 13 सितंबर को खिताब जीतकर ऐतिहासिक डबल पूरा किया। दोनों टीमें पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहीं और अगले साल होने वाले एफआईएच जूनियर विश्व कप के लिए क्वालिफाई भी कर लिया।
पुरुष टीम: कोरिया पर 4-1 की बड़ी जीत
फाइनल में भारतीय पुरुष टीम ने कोरिया गणराज्य को 4-1 से हराया। नौवें मिनट में अजीत यादव ने गोल कर खाता खोला। चार मिनट बाद कप्तान अनमोल एक्का ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। 21वें मिनट में प्रभदीप सिंह और 50वें मिनट में आशु मौर्य के गोल से भारत ने मुकाबला पूरी तरह अपनी मुट्ठी में कर लिया।
- यह भारत का रिकॉर्ड छठा पुरुष जूनियर एशिया कप खिताब है और लगातार चौथी जीत।
- नए कोच फ्रेडरिक सोयेज के मार्गदर्शन में यह टीम का पहला जूनियर एशिया कप था।
- कप्तान अनमोल एक्का 17 गोल के साथ टूर्नामेंट के सबसे सफल स्कोरर रहे।
महिला टीम: मेजबान चीन को उसी के घर में हराया
महिला वर्ग के फाइनल में भारत ने मेजबान चीन को 1-0 से शिकस्त दी। मैच का इकलौता गोल 17वें मिनट में सानिका चंद्रकांत माने ने किया। शुरुआती क्वार्टर में चीन ने दबाव बनाया, लेकिन दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में गोल के बाद भारतीय रक्षापंक्ति ने अनुशासित खेल दिखाते हुए बढ़त बचाए रखी।
मिडफील्डर खैदेम शिलेमा चानू की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने लगातार तीसरी बार यह खिताब जीतकर हैट्रिक पूरी की। सेमीफाइनल में टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया था। इस साल कोच का पद संभालने वाले टिम व्हाइट के लिए भी यह पहला बड़ा टूर्नामेंट था।
बधाइयों का तांता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों ने दोनों टीमों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। हॉकी इंडिया ने महिला टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को तीन लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को डेढ़ लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की।
यह सफलता ऐसे समय आई है, जब सीनियर पुरुष और महिला टीमें 19 सितंबर से शुरू हो रहे एशियाई खेलों की तैयारी कर रही हैं। जानकारों का मानना है कि जूनियर स्तर पर यह निरंतरता भारतीय हॉकी की मजबूत होती बेंच स्ट्रेंथ का संकेत है।


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