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शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
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मक्का की ओर ड्रोन हमले की कोशिश का आरोप, सऊदी अरब बोला- पवित्र शहर 'रेड लाइन'; हूती विद्रोहियों ने किया इनकार

सऊदी अरब का कहना है कि मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ड्रोन को नष्ट कर दिया गया। यमन के हूती विद्रोहियों ने मक्का को निशाना बनाने से इनकार किया है।

मक्का की ओर ड्रोन हमले की कोशिश का आरोप, सऊदी अरब बोला- पवित्र शहर 'रेड लाइन'; हूती विद्रोहियों ने किया इनकार
मक्का स्थित मस्जिद अल-हराम का बाहरी दृश्य (फाइल फोटो) — फोटो: King Eliot / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

रियाद | सऊदी अरब ने यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का की ओर ड्रोन हमला करने की कोशिश का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अधिकारियों ने कहा कि यह घटना रात के दौरान हुई और ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोककर नष्ट कर दिया गया। सऊदी अरब ने यह भी स्पष्ट किया कि मक्का उसके लिए एक 'रेड लाइन' है। हालांकि, ड्रोन शहर से कितनी दूरी पर था, इसकी जानकारी नहीं दी गई।

हूतियों ने आरोप खारिज किया

हूती विद्रोहियों ने सऊदी दावे को तुरंत खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उनकी कार्रवाइयां सऊदी अरब के तेल ठिकानों और सैन्य अड्डों तक सीमित रही हैं, जो पवित्र स्थलों से काफी दूर हैं। रिपोर्टों के मुताबिक मक्का यमन की सीमा से लगभग 1,100 किलोमीटर दूर स्थित है।

मुस्लिम देशों में नाराज़गी

सऊदी अरब के आरोप के बाद पश्चिम एशिया के कई देशों ने इस कथित प्रयास की निंदा की। 57 सदस्य देशों वाले इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने कहा कि इस तरह की हरकतें पवित्र स्थलों और मस्जिदों की मर्यादा का उल्लंघन हैं। तुर्की और पाकिस्तान ने भी घटना की निंदा की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता जताई।

एपी के अनुसार, तुर्की और पाकिस्तान के अधिकारियों ने बताया कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हाल में हुए रक्षा समझौते के तहत अब तक उन्हें सैन्य सहायता का कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है।

बढ़ता तनाव

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सऊदी अरब और हूतियों के बीच टकराव तेज़ हो गया है। हाल के दिनों में हूतियों ने दक्षिणी सऊदी अरब के खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयर बेस पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया था, जबकि सऊदी अरब ने यमन में हूती ठिकानों पर हवाई हमले तेज़ किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक हूतियों ने लाल सागर के बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में कुछ द्वीपों पर भी कब्ज़ा किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हूती अमेरिका से लड़ाई नहीं चाहते, जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सऊदी अरब और हूतियों दोनों के साथ संपर्क की स्थिति को तेज़ी से बदलने वाली बताया। हूती हमलों से सऊदी तेल पाइपलाइन प्रभावित होने की खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों को आशंका है कि यह तनाव क्षेत्र को फिर से बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है।

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दुनिया डेस्क · संपादकीय डेस्क

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