प्रस्तुति: शिव उपाध्याय
आगरा | बुधवार को हुई भारी बारिश के बाद एक बार फिर खंदौली में आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर गंभीर जलभराव होने से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कामकाज को लेकर नई चिंताएं उठ खड़ी हुई हैं। निवासियों का आरोप है कि जलभराव अकेले बारिश से नहीं, बल्कि NHAI कर्मियों के कारनामों से और बढ़ गया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, ब्लॉक विकास कार्यालय के सामने एक पुलिया के पास ओवरफ्लो पानी को सीधे हाईवे पर बहने से रोकने के लिए मिट्टी और बजरी का एक अवरोध बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि NHAI कर्मियों ने बुधवार को इस अस्थायी अवरोध को हटा दिया, जिससे पुलिया का पानी सीधे सड़क पर आ गया। थोड़े ही समय में हाईवे का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और यात्रियों को असुविधा हुई।
निवासियों ने अधिकारियों के जिसे उन्होंने विरोधाभासी रवैया बताया, उस पर भी सवाल उठाए। जहां कुछ NHAI कर्मी कथित तौर पर हाईवे पर पानी बहने दे रहे थे, वहीं दूसरी टीम एक साथ इंटरचेंज के पास जमा पानी को हटाने के लिए जेट पंप चला रही थी।

बार-बार होने वाले जलभराव ने स्थानीय निवासियों में आक्रोश पैदा कर दिया है, जिनका दावा है कि हाईवे के दोनों ओर अपर्याप्त जल निकासी ढांचा ही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से हर बारिश के बाद यह समस्या फिर पैदा हो जाती है। उन्होंने बताया कि गंदा पानी नियमित रूप से आसपास के आवासीय इलाकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घुस जाता है, जिससे अस्वच्छ स्थिति पैदा होती है और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
क्षेत्र के दुकानदारों ने कहा कि ग्राहकों को उनकी दुकानों तक पहुंचने के लिए रुके हुए गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे दैनिक व्यावसायिक गतिविधि प्रभावित हो रही है। कई लोगों ने निराशा जताई कि वर्षों से बार-बार शिकायतों के बावजूद जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए कोई स्थायी उपाय नहीं किए गए हैं।
निवासियों ने आगे आरोप लगाया कि NHAI अधिकारियों को कई शिकायतें दी गई हैं और इस मामले को कई बार स्थानीय मीडिया में उजागर किया गया है, लेकिन समस्या अनसुलझी बनी हुई है।
स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए NHAI परियोजना प्रबंधक विनय कुमार वर्मा ने कहा कि जेट पंपों की मदद से हाईवे से पानी निकाला जा रहा है और सामान्य यातायात व्यवस्था बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, स्थानीय निवासियों का तर्क है कि अस्थायी पंपिंग कार्य एक उचित जल निकासी प्रणाली की जगह नहीं ले सकते। उन्होंने NHAI और जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि वे बार-बार होने वाले जलभराव को रोकने, आसपास के घरों और व्यवसायों की रक्षा करने तथा मानसून के मौसम में सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए एक स्थायी जल निकासी समाधान विकसित करें।
बार-बार होने वाले जलभराव ने व्यस्त हाईवे पर यातायात दुर्घटनाओं के खतरे को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे निवासियों ने अगली भारी बारिश से पहले तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।



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