नई दिल्ली/मुंबई: भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया है, जिससे कुछ इलाकों में गर्मी से बहुत जरूरी राहत मिली है, वहीं अन्य जगहों पर भारी परेशानी खड़ी हो गई है। गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश ने तापमान गिरा दिया और उमस से राहत दिलाई, वहीं मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश ने रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत में तेजी से सक्रिय हो गया है और दिल्ली तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय राजधानी में हुई बारिश से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई, जिससे कई दिनों की भीषण गर्मी और उमस के बाद राहत मिली। हालांकि, शहर के कई हिस्सों से जलभराव और यातायात जाम की खबरें आईं।
मुंबई में स्थिति ज्यादा गंभीर रही, जहां लगातार बारिश ने अंधेरी और वर्ली समेत निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया। प्रमुख सड़कों पर लंबे ट्रैफिक जाम देखे गए, वहीं उपनगरीय ट्रेन सेवाओं में बाधा आई, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हुए। अधिकारियों ने निवासियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और बहुत जरूरी न होने पर घर के अंदर रहने का आग्रह किया।
मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, और अगले कई घंटों तथा दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों ने तटीय इलाकों में समुद्र की खराब स्थिति और ऊंची ज्वारीय लहरों को लेकर भी आगाह किया।
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश ने भूस्खलन और सड़कें बंद होने की आशंका बढ़ा दी है। कई संवेदनशील जिले अलर्ट पर बने हुए हैं क्योंकि अधिकारी मौसम की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है, जहां भारी बारिश से कुछ इलाकों में कथित तौर पर जानमाल का नुकसान और संपत्ति की क्षति हुई है। संभावित खतरों से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में आपातकालीन और बचाव दल तैनात किए गए हैं।
व्यापक बारिश के बावजूद, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कुल मिलाकर मानसून का पैटर्न असमान रह सकता है। आईएमडी के जुलाई के पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि देश के कई हिस्सों में इस महीने सामान्य से कम बारिश हो सकती है, वहीं तापमान औसत से ऊपर रह सकता है। इससे विपरीत मौसमी स्थितियां बन सकती हैं, जहां कुछ इलाकों में भारी बारिश होगी तो कुछ को लंबे समय तक सूखे का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विज्ञानियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में बारिश की गतिविधि मजबूत बनी रहेगी। नागरिकों को आधिकारिक मौसम चेतावनियों से अपडेट रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।



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