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सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
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ऑपरेशन सिंदूर विवाद गहराया, विपक्ष ने राजनाथ सिंह के खिलाफ पेश किया विशेषाधिकार हनन नोटिस

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसमें विपक्षी दलों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर ऑपरेशन के दौरान सैन्य हताहतों को लेकर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया है…

ऑपरेशन सिंदूर विवाद गहराया, विपक्ष ने राजनाथ सिंह के खिलाफ पेश किया विशेषाधिकार हनन नोटिस
A fresh political storm has erupted over Operation Sindoor, with opposition parties accusing Defence Minister Rajnath Singh of misleading Parliament regarding military casualties during the operation.

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसमें विपक्षी दलों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर ऑपरेशन के दौरान सैन्य हताहतों को लेकर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया है। विपक्ष ने अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक विशेषाधिकार हनन नोटिस सौंपा है और कथित विसंगति पर जवाबदेही की मांग की है।

विवाद तब शुरू हुआ जब विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि संसद में अपने बयान के दौरान राजनाथ सिंह ने यह संकेत दिया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, यह मुद्दा तब और भड़क गया जब सरकारी रिकॉर्ड में कथित तौर पर इस बात की पुष्टि हुई कि ऑपरेशन के दौरान छह भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।

कांग्रेस के सदस्यों समेत विपक्षी नेताओं ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है। उनका तर्क है कि संसद में तथ्यों को छिपाना या तोड़-मरोड़कर पेश करना लोकतांत्रिक जवाबदेही की जड़ पर प्रहार करता है। उनके अनुसार, यदि हताहत हुए थे, तो सदन को पूर्ण और पारदर्शी जानकारी दी जानी चाहिए थी।

कांग्रेस का कहना है कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि संस्थागत है, क्योंकि संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है। पार्टी नेताओं ने इस बात पर स्पष्टता की मांग की है कि सदन को वास्तव में क्या बताया गया और क्या अहम जानकारी जानबूझकर छिपाई गई।

हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्र के अनुसार, रक्षा मंत्री की टिप्पणियों को संदर्भ से हटकर देखा जा रहा है। सरकारी सूत्रों का तर्क है कि सिंह का बयान उस समय फैल रहे उन दावों का खंडन करने के लिए था कि भारतीय वायुसेना को बड़ा परिचालन नुकसान हुआ है।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि शहीद सैनिकों के नाम आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं और उनके परिवारों को सभी उचित सम्मान और सहायता दी गई है। सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए एक संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।

इस विवाद ने एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। अब सबकी नजर ओम बिरला पर है, जो विशेषाधिकार हनन नोटिस पर आगे की कार्रवाई तय करेंगे। दोनों पक्षों के पीछे हटने को तैयार न होने के चलते, यह मुद्दा संसद के अंदर और बाहर और तीखी नोकझोंक को जन्म देने की उम्मीद है।

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