जयपुर | राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों में सत्तारूढ़ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन कांग्रेस ने कई शहरों में कड़ी टक्कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए मतदान कराया था, जिसकी मतगणना सोमवार, 14 सितंबर को शुरू हुई। इन निकायों में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाएं शामिल हैं। करीब 1.44 करोड़ मतदाताओं वाले इस चुनाव में कुल मतदान लगभग 72.95 प्रतिशत रहा।
प्रदेश स्तर पर तस्वीर
मतगणना के दौरान दोपहर तक घोषित 8,068 वार्डों के नतीजों में भाजपा ने 3,323, कांग्रेस ने 2,962 और निर्दलीय व अन्य ने 1,783 वार्ड जीते थे। बाकी वार्डों के नतीजे बाद में घोषित होते रहे।
प्रमुख शहरों के नतीजे
- जयपुर: 150 वार्डों वाले नगर निगम में भाजपा को 95 और कांग्रेस को 43 वार्ड मिले
- अजमेर: कांग्रेस 37 वार्डों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, भाजपा को 32 वार्ड मिले
- जोधपुर: भाजपा और कांग्रेस दोनों को 44-44 वार्ड मिले
- कोटा: भाजपा 30 और कांग्रेस 20 वार्डों पर जीती
- बीकानेर: कांग्रेस 15 और भाजपा 10 वार्ड पर
- बारां: आम आदमी पार्टी ने 60 में से 31 वार्ड जीतकर नगर परिषद में बहुमत हासिल किया
- नोखा: माकपा ने 45 में से 29 वार्ड जीते
नेताओं की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने नतीजों को भजनलाल शर्मा सरकार के विकास, पानी, बिजली, कानून-व्यवस्था और रोजगार के काम का परिणाम बताया। वहीं कांग्रेस ने मतगणना के दौरान कुछ जगह गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए दोबारा जांच की मांग की। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बारां के नतीजों को राजस्थान में बदलाव का संकेत बताया।
कोटा में दोबारा मतदान पर झड़प
मतगणना के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत के बाद चार बूथों पर दोबारा मतदान कराया गया। बुधवार, 16 सितंबर को कोटा नगर निगम के वार्ड 87 के बूथ संख्या 99 पर पुनर्मतदान के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हो गई, जिसमें कांग्रेस का एक कार्यकर्ता घायल हुआ। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर माहौल बिगाड़ने के आरोप लगाए। अब निकायों में महापौर और सभापति के चुनाव 21 सितंबर को प्रस्तावित हैं।


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