आगरा | मां दुर्गा की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्रि इस साल 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होगा। द्रिक पंचांग समेत प्रमुख पंचांगों के अनुसार आश्विन शुक्ल प्रतिपदा पर घटस्थापना के साथ नौ दिन की पूजा आरंभ होगी और 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। वर्ष 2026 में अधिक मास पड़ने के कारण यह पर्व पिछले साल की तुलना में करीब तीन सप्ताह देर से आ रहा है।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली के समय के अनुसार 11 अक्टूबर को घटस्थापना का मुख्य मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, यानी करीब पौने चार घंटे का समय मिलेगा। जो लोग इस अवधि में कलश स्थापना न कर सकें, उनके लिए अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक बताया गया है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार घटस्थापना प्रतिपदा तिथि में दिन के पहले एक-तिहाई हिस्से में करना श्रेष्ठ माना जाता है। पंचांगों में इस दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का उल्लेख भी है, इसलिए श्रद्धालु अपने शहर के स्थानीय पंचांग या पुरोहित से समय की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि सूर्योदय के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनट का अंतर आ सकता है।
प्रमुख तिथियां एक नजर में
- 11 अक्टूबर (रविवार): प्रतिपदा, घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा
- 19 अक्टूबर (सोमवार): दुर्गा अष्टमी, कन्या पूजन
- 20 अक्टूबर (मंगलवार): विजयादशमी (दशहरा)
नौ दिन, नौ स्वरूप
नवरात्रि में क्रमशः मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। उत्तर भारत में रामलीला और दशहरे पर रावण दहन की परंपरा है, जबकि गुजरात में गरबा-डांडिया और बंगाल में दुर्गा पूजा की रौनक देखने लायक होती है। आगरा समेत पूरे ब्रजमंडल में भी देवी मंदिरों में नवरात्रि के दौरान विशेष श्रृंगार और भीड़ रहती है।
तैयारी के लिए अभी से समय
नवरात्रि से पहले 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक पितृ पक्ष रहेगा और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के अगले दिन से देवी पक्ष शुरू होगा। बाजारों में पूजा सामग्री, चुनरी और परिधानों की खरीदारी का दौर पितृ पक्ष खत्म होते ही तेज होने की उम्मीद है। व्रत रखने वाले लोग, खासकर डायबिटीज या अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग, उपवास से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


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