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सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
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अमेरिकी हवाई हमलों में चाबहार बंदरगाह का निगरानी टावर निशाना; भारत ने कहा— उसका टर्मिनल सुरक्षित

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखते हुए चाबहार बंदरगाह पर एक समुद्री निगरानी टावर सहित कई रणनीतिक ठिकानों पर नए हवाई हमले किए।

अमेरिकी हवाई हमलों में चाबहार बंदरगाह का निगरानी टावर निशाना; भारत ने कहा— उसका टर्मिनल सुरक्षित
India's Ministry of External Affairs has confirmed that the India-operated Shahid Beheshti terminal at Chabahar Port remains safe despite US strikes on a nearby surveillance tower.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखते हुए चाबहार बंदरगाह पर एक समुद्री निगरानी टावर सहित कई रणनीतिक ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। इन ताज़ा हमलों ने पूरे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ा दिया है और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं फिर उभर आई हैं।

हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि बंदरगाह क्षेत्र में हमलों की खबरों के बावजूद चाबहार बंदरगाह पर उसके द्वारा संचालित टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) द्वारा प्रबंधित शहीद बेहेश्ती टर्मिनल पूरी तरह चालू है।

अमेरिका ने बनाया रणनीतिक ढांचे को निशाना

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक संसाधनों ने कई ईरानी सैन्य-संबद्ध ठिकानों पर समन्वित हमले किए।

इन निशानों में चाबहार के शहीद कलंतरी बंदरगाह पर एक निगरानी टावर भी शामिल था, जिसे अमेरिका ने एक समुद्री निगरानी नेटवर्क का हिस्सा बताया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा किया जाता है।

रिपोर्टों के अनुसार, हमलों में सैन्य साजो-सामान केंद्रों, तटीय निगरानी प्रणालियों और वायु रक्षा प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया गया।

भारत के रणनीतिक हित अप्रभावित

हमले की खबरों के बाद चाबहार बंदरगाह में भारत के निवेश को लेकर चिंताएं उभरीं।

इन चिंताओं का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की कि भारत द्वारा संचालित शहीद बेहेश्ती टर्मिनल इन हमलों से प्रभावित नहीं हुआ।

यह स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है क्योंकि चाबहार भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंचने का अहम रास्ता बना हुआ है, जो पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए व्यापार तक पहुंच देता है।

क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा

ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य हितों और सहयोगी देशों के खिलाफ जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं, जिससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। बीते दिनों में दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाइयां बढ़ाई हैं, जिससे समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।

हालांकि चाबहार का निगरानी टावर क्षतिग्रस्त हुआ, भारतीय अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि बंदरगाह पर देश के वाणिज्यिक परिचालन प्रभावित नहीं हुए हैं और परियोजना के भविष्य के प्रबंधन को लेकर चर्चा जारी है।

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