श्री विजयपुरम | उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. दिनेश शर्मा ने मंगलवार, 15 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल पद की शपथ ली। वह इस केंद्रशासित प्रदेश के 14वें उपराज्यपाल बने हैं। श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) स्थित लोक निवास में आयोजित समारोह में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विट्ठलराव घुगे ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
समारोह में कौन रहे मौजूद
शपथ ग्रहण से पहले मुख्य सचिव ज्ञानेश भारती ने नियुक्ति का वारंट पढ़ा। समारोह में वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और व्यापारिक समुदाय के लोग शामिल हुए। रिपोर्टों के अनुसार, दिनेश शर्मा अपनी पत्नी जय लक्ष्मी शर्मा के साथ 13 सितंबर को द्वीप पहुंचे थे।
5 सितंबर को हुई थी नियुक्ति की घोषणा
राष्ट्रपति भवन ने 5 सितंबर को दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त करने की घोषणा की थी। वह सेवानिवृत्त एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी का स्थान लेंगे, जो 8 अक्टूबर 2017 से इस पद पर थे।
लखनऊ से राजभवन तक का सफर
दिनेश शर्मा का लंबा राजनीतिक और शैक्षणिक सफर रहा है:
- लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य के प्रोफेसर रहे
- लखनऊ के महापौर के रूप में काम किया
- योगी आदित्यनाथ की पहली सरकार में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रहे
- उपमुख्यमंत्री रहते उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभाग संभाले
- 2023 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए
उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण चेहरे के रूप में पहचाने जाने वाले दिनेश शर्मा को संवैधानिक पद मिलने को भाजपा के भीतर अनुभवी नेताओं को नई जिम्मेदारी देने के तौर पर देखा जा रहा है। उपराज्यपाल केंद्रशासित प्रदेश में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में प्रशासन का प्रमुख होता है। ऐसे में रणनीतिक रूप से अहम अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।


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