बेंगलुरु | कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के 100 दिन पूरे होने पर गुरुवार, 10 सितंबर को विधान सौधा के बैंक्वेट हॉल में 'दृढ़ कर्नाटक संकल्प' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें लगता है कि शिवकुमार के नेतृत्व में सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम में सरकार ने विभिन्न विभागों की उपलब्धियों पर एक पुस्तिका भी जारी की।
सत्ता परिवर्तन के बाद पहला बड़ा पड़ाव
गौरतलब है कि डीके शिवकुमार ने 3 जून 2026 को सिद्धारमैया के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से प्रतिद्वंद्विता की चर्चाएं होती रही हैं, इसलिए 100 दिन के कार्यक्रम में शिवकुमार की ओर से सिद्धारमैया को उद्घाटन के लिए आमंत्रित करना और सिद्धारमैया का सरकार की तारीफ करना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
सिद्धारमैया ने क्या कहा
- सरकारों को जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए और चुनावी वादे पूरे करने चाहिए।
- कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के पहले ही साल में पांचों गारंटी योजनाएं लागू कीं, जिन पर हर साल करीब 52,000 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
- सरकार को असमानता, गरीबी और बेरोजगारी दूर करने पर लगातार ध्यान देना चाहिए।
- मुख्यमंत्री को विपक्ष की आलोचना से चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
भाजपा पर निशाना
सिद्धारमैया ने भाजपा की 'बल्लारी चलो' पदयात्रा को सत्ता में लौटने के लिए किया जा रहा राजनीतिक दिखावा बताया। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र की भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि विधानसभा सत्र में विपक्ष ने सूखे जैसे गंभीर मुद्दे उठाने के बजाय पूर्व मंत्री बी नागेंद्र के इस्तीफे की मांग पर ही जोर दिया।
सूखे की चुनौती
राज्य सरकार 101 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित कर चुकी है और केंद्र को नया ज्ञापन भेजने की तैयारी में है। सिद्धारमैया ने सलाह दी कि सरकार केवल केंद्रीय सहायता के भरोसे न रहे, बल्कि अपने स्तर पर भी सक्रिय कदम उठाए।


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