मुंबई | निर्देशक प्रियदर्शन की क्राइम थ्रिलर 'हैवान' 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सैफ अली खान और अक्षय कुमार करीब 18 साल बाद एक साथ पर्दे पर लौटे हैं, और इस बार अक्षय नायक नहीं बल्कि खलनायक की भूमिका में हैं। यह फिल्म प्रियदर्शन की ही 2016 की मलयालम हिट 'ओप्पम' का हिंदी रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे।
कहानी की झलक
सैफ अली खान ने श्याम नाम के एक दृष्टिबाधित व्यक्ति का किरदार निभाया है, जो एक इमारत में मेंटेनेंस मैनेजर है। अक्षय कुमार परशुराम बने हैं, जो बेगुनाह होते हुए जेल की सजा काट चुका है और उसे सजा दिलाने वालों से बदला लेने निकलता है। एक हत्या के बाद श्याम एक बच्ची की सुरक्षा का जिम्मा उठाता है और यहीं से दोनों किरदार आमने-सामने आते हैं। बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर और राजपाल यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं।
समीक्षकों ने क्या कहा
- कोईमोई ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार दिए। समीक्षा में कहा गया कि बदले की यह कहानी बिखरी हुई है, ट्विस्ट का अंदाजा पहले से लग जाता है और कई गैरजरूरी उप-कथाएं मूल कहानी को कमजोर करती हैं। हालांकि सैफ के अभिनय और बोमन ईरानी की मौजूदगी को सराहा गया।
- पिंकविला ने 5 में से 2.5 स्टार देते हुए लिखा कि एक दृष्टिबाधित नायक का खतरे से जूझना फिल्म का सबसे आकर्षक पहलू है और दूसरे हिस्से में अक्षय का खौफ असर छोड़ता है। दिवंगत अभिनेता असरानी के हास्य दृश्यों का भी जिक्र हुआ, लेकिन धीमी रफ्तार और कमजोर जांच-पड़ताल वाले दृश्यों की आलोचना की गई।
- इंडिया डॉट कॉम की समीक्षा अपेक्षाकृत सकारात्मक रही, जिसमें इसे धीरे-धीरे पकड़ बनाने वाली तनावपूर्ण थ्रिलर बताया गया।
कई समीक्षाओं में करीब पौने तीन घंटे की लंबाई को सस्पेंस के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बताया गया है।
बॉक्स ऑफिस पर कमजोर शुरुआत
ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने पहले दिन करीब 3 करोड़ रुपये नेट कमाए। शनिवार को 2.5 करोड़ और रविवार को 1.85 करोड़ रुपये का कलेक्शन रहा, जबकि पहले सोमवार को आंकड़ा गिरकर लगभग 70 लाख रुपये पर आ गया। इस तरह चार दिनों में भारत में कुल नेट कलेक्शन करीब 8.05 करोड़ रुपये और दुनियाभर में ग्रॉस कलेक्शन लगभग 12.63 करोड़ रुपये बताया गया है। फिल्मीबीट के अनुसार यह अक्षय कुमार की किसी फिल्म का अब तक का सबसे कमजोर पहला सोमवार है।
कुल मिलाकर
समीक्षकों की राय में 'हैवान' का आधार दिलचस्प है और अक्षय कुमार का नकारात्मक किरदार उनकी छवि से हटकर एक प्रयोग है, लेकिन लंबी अवधि, अनुमानित मोड़ और ढीली पटकथा इसे एक कसी हुई थ्रिलर बनने से रोकते हैं। मूल 'ओप्पम' देख चुके दर्शकों के लिए इसमें नयापन कम हो सकता है।


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