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गुरुवार, 17 सितंबर 2026
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तस्वीरों में गणेशोत्सव: लालबागचा राजा के दर्शन को उमड़ी भीड़, पुणे में 35 हजार महिलाओं का अथर्वशीर्ष पाठ

मुंबई के लालबाग में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगीं। पुणे के दगड़ूशेठ मंदिर में सामूहिक पाठ हुआ और हैदराबाद में इको-फ्रेंडली प्रतिमा आकर्षण बनी।

तस्वीरों में गणेशोत्सव: लालबागचा राजा के दर्शन को उमड़ी भीड़, पुणे में 35 हजार महिलाओं का अथर्वशीर्ष पाठ
मुंबई के लालबागचा राजा की प्रतिमा (पुरानी तस्वीर) — फोटो: Karthik Nadar / Wikimedia Commons (CC BY 3.0)

मुंबई | गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुआ गणेशोत्सव देशभर में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र से लेकर तेलंगाना तक पंडालों और मंदिरों में 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे गूंज रहे हैं। पेश है देश के प्रमुख गणेश पंडालों और आयोजनों की झलक।

तस्वीर 1: लालबागचा राजा का पहला दर्शन

मुंबई के सबसे प्रसिद्ध गणपति, लालबागचा राजा की प्रतिमा का अनावरण 11 सितंबर को किया गया। प्रतिमा के शांत और सौम्य स्वरूप को देखने के लिए उसी दिन से भक्तों में उत्साह दिखने लगा। यह मंडल नौ दशकों से अधिक समय से उत्सव मना रहा है और कांबली परिवार आठ दशक से ज्यादा समय से प्रतिमा की परंपरा संभाल रहा है।

तस्वीर 2: लालबाग की गलियों में लंबी कतारें

गणेशोत्सव के दौरान मंगलवार, 15 सितंबर को लालबाग इलाके में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे इलाके में लंबी कतारें लगी रहीं। मुंबई ही नहीं, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से भी भक्त बप्पा के दरबार में हाजिरी लगाने आए।

तस्वीर 3: घर बैठे ऑनलाइन दर्शन

जो भक्त मुंबई नहीं पहुंच सकते, उनके लिए मंडल ने 14 से 25 सितंबर तक ऑनलाइन दर्शन की सुविधा दी है। सुबह 6 बजे से यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, मंडल की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर दर्शन का प्रसारण किया जा रहा है।

तस्वीर 4: पुणे में सामूहिक अथर्वशीर्ष पाठ

पुणे के श्रीमंत दगड़ूशेठ हलवाई गणपति मंडल में 35 हजार से अधिक महिलाओं ने एक साथ गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ किया। संस्कृत के इस स्तोत्र के सामूहिक पाठ का दृश्य बेहद भव्य रहा।

तस्वीर 5: हैदराबाद में इको-फ्रेंडली प्रतिमा

हैदराबाद के लाल दरवाजा में फ्यूचर फाउंडेशन सोसायटी ने ऐसी प्रतिमा स्थापित की है, जिसमें भगवान गणेश देवी वाराही की गोद में विराजमान हैं। पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से बनी इस प्रतिमा को कोलकाता के कारीगरों ने करीब 20 से 25 दिन में तैयार किया। आयोजकों के मुताबिक इसका उद्देश्य उन भक्तों को देवी वाराही के दर्शन कराना है, जो इसके लिए दूसरे राज्यों तक नहीं जा पाते।

  • गणेश चतुर्थी: 14 सितंबर
  • अनंत चतुर्दशी और विसर्जन: 25 सितंबर
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तस्वीरें डेस्क · संपादकीय डेस्क

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