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गुरुवार, 17 सितंबर 2026
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नीदरलैंड में रेल नेटवर्क पर तोड़फोड़: 20 से ज़्यादा जगह पटरियों पर लगाए पाइप, संसद उद्घाटन के दिन ट्रेनें ठप

रेल ट्रैक प्रबंधक प्रोरेल ने इसे जानबूझकर की गई तोड़फोड़ बताया। खुफिया एजेंसी AIVD भी जांच में शामिल है, अब तक किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है।

नीदरलैंड में रेल नेटवर्क पर तोड़फोड़: 20 से ज़्यादा जगह पटरियों पर लगाए पाइप, संसद उद्घाटन के दिन ट्रेनें ठप
नीदरलैंड की रेल कंपनी NS की इंटरसिटी ट्रेन (फाइल फोटो) — फोटो: Aubrey / Wikimedia Commons (CC BY 2.0)

द हेग | नीदरलैंड में मंगलवार को रेल नेटवर्क पर सुनियोजित तोड़फोड़ के कारण देश के कई हिस्सों में ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। यह घटना संसद के औपचारिक उद्घाटन समारोह प्रिंसजेसडाग से कुछ घंटे पहले हुई, जो डच राजनीतिक कैलेंडर के सबसे अहम दिनों में गिना जाता है। रेल ट्रैक का प्रबंधन करने वाली कंपनी प्रोरेल ने कहा कि पटरियों पर जानबूझकर सामग्री रखी गई थी और इसलिए इसे तोड़फोड़ का मामला माना जा रहा है।

कैसे रोकी गईं ट्रेनें

रिपोर्टों के अनुसार 20 से अधिक जगहों पर पटरियों से पाइप के टुकड़े जोड़े गए थे। ये जगहें मुख्य रूप से देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों के ग्रामीण इलाकों में थीं। इन पाइपों की वजह से ट्रैक पर ट्रेन की मौजूदगी पहचानने वाली सुरक्षा प्रणाली गड़बड़ा गई और सिग्नल लाल हो गए। प्रोरेल के अनुसार सुरक्षा प्रणाली 30 से अधिक स्थानों पर प्रभावित हुई, जिससे ट्रेनें चलाना संभव नहीं रहा। स्टीनविक में एक ट्रेन ऐसे ही एक टुकड़े से टकरा गई, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय सेवाएं भी प्रभावित

बाधित स्थानों के पास सभी ट्रेनें रोक दी गईं। घरेलू सेवाओं के साथ जर्मनी जाने वाली अंतरराष्ट्रीय ट्रेनों पर भी असर पड़ा। कई रेलवे क्रॉसिंग बंद रहने से सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ।

खुफिया एजेंसी जांच में जुटी

पुलिस और अभियोजकों के साथ देश की खुफिया एजेंसी AIVD भी मामले की जांच कर रही है। अब तक किसी व्यक्ति या संगठन ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है और मकसद भी स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों ने तोड़फोड़ और संसद उद्घाटन के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है, लेकिन समय को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

प्रिंसजेसडाग पर राजा विलेम-अलेक्ज़ेंडर को सरकार की 2027 की बजट योजनाएं पेश करनी थीं। इन प्रस्तावों को लेकर पहले से विरोध का माहौल है। मज़दूर संगठन सामाजिक लाभों में कटौती का विरोध कर रहे हैं, जबकि किसान नाइट्रोजन प्रदूषण से जुड़ी नीतियों के खिलाफ हैं। किसानों ने उसी दिन द हेग में प्रदर्शन की योजना बनाई थी। यूरोप में हाल के वर्षों में रेल ढांचे पर तोड़फोड़ की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है।

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दुनिया डेस्क · संपादकीय डेस्क

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