संयुक्त राष्ट्र | संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने कहा है कि सूडान में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े भूख संकट के बीच उसकी फंडिंग में भारी गिरावट आई है। WFP के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ के अनुसार इस साल संस्था को सूडान के लिए पिछले साल की तुलना में लगभग आधी ही रकम मिल पाई है। उन्होंने कहा कि संगठन मदद पहुंचा तो रहा है, लेकिन यह मदद लगातार घटती जा रही है।
आंकड़ों में संकट
- पिछले साल WFP को सूडान अभियान के लिए करीब 64.5 करोड़ डॉलर मिले थे।
- इस साल के लगभग तीन-चौथाई हिस्से तक यह रकम सिर्फ 20.6 करोड़ डॉलर तक पहुंची है।
- मौजूदा अभियान जारी रखने के लिए लगभग 30 करोड़ डॉलर की कमी बताई गई है।
- सूडान में करीब 2 करोड़ लोग भूख का सामना कर रहे हैं।
सबसे ज़रूरतमंदों पर फोकस
बजट में कटौती के कारण WFP को अपना ध्यान सबसे ज़्यादा ज़रूरतमंद करीब 50 लाख लोगों पर केंद्रित करना पड़ा है, जिनमें से हाल में लगभग 40 लाख लोगों तक मदद पहुंचाई गई है। उत्तरी दारफुर के तवीला में संगठन हर महीने सभी लोगों तक पहुंच रहा है, लेकिन सिर्फ आधा राशन दे पा रहा है, जो दो हफ्ते के भोजन के बराबर है। अल-ओबैद में सहायता केवल हाल में पहुंचे विस्थापितों तक सीमित है।
पूरी मानवीय व्यवस्था पर खतरा
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने भी चेतावनी दी है कि करीब 3.05 लाख विस्थापितों के लिए आपातकालीन सामग्री सितंबर के अंत तक खत्म हो सकती है। IOM की महानिदेशक एमी पोप ने आगाह किया कि तत्काल फंडिंग न मिलने पर कुछ ही हफ्तों में पूरी मानवीय व्यवस्था चरमरा सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार फंडिंग में कमी की बड़ी वजह अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा विदेशी सहायता में की गई कटौती और कई अन्य बड़े दानदाता देशों का रक्षा खर्च को प्राथमिकता देना है।
सूडान में अप्रैल 2023 से सेना और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (RSF) के बीच युद्ध जारी है। इस संघर्ष ने लाखों लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर किया है और देश के कई हिस्सों में खाद्य आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।


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