आगरा | शहर के ईदगाह चौराहे पर एक युवक ने खुद को एंटी करप्शन विभाग का इंस्पेक्टर बताकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर ही रौब गांठने की कोशिश की, लेकिन उसकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चली। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से 10 हजार रुपये मांगे और पैसे न देने पर भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़वाने की धमकी दी। शाहगंज थाना पुलिस ने 9 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया।
सवालों में उलझा तो खुली पोल
पुलिस के अनुसार आरोपी चौराहे पर पहुंचा और एक सिपाही को धमकाने लगा। उसकी बातों पर ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर और साथी पुलिसकर्मियों को शक हुआ। जब उससे बैच नंबर और मौजूदा तैनाती के बारे में पूछा गया, तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। उसके पास पहचान साबित करने वाला कोई आधिकारिक दस्तावेज भी नहीं मिला।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने एंटी करप्शन विभाग से जुड़े रिकॉर्ड का ऑनलाइन सत्यापन किया, जिसमें उस नाम का कोई अधिकारी नहीं मिला। तुरंत शाहगंज पुलिस को सूचना दी गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
वाराणसी का रहने वाला है आरोपी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुद को वाराणसी जिले का निवासी बताया। एसीपी लोहामंडी के अनुसार आरोपी फिलहाल कोई काम नहीं कर रहा था। वह पहले नोएडा की एक मार्केटिंग कंपनी में काम करता था और बिना पैसों के आगरा पहुंचा था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उसने पहले कहीं और इसी तरह किसी से वसूली की कोशिश तो नहीं की।
- घटना स्थल: ईदगाह चौराहा, थाना शाहगंज
- आरोप: फर्जी अधिकारी बनकर पुलिसकर्मियों से 10 हजार रुपये की मांग
- कार्रवाई: मुकदमा दर्ज कर आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया
लोगों के लिए सबक
पुलिस का कहना है कि कोई भी व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर पैसे मांगे या धमकाए, तो उसकी पहचान जरूर जांचें। असली अधिकारी पहचान पत्र दिखाने से नहीं कतराते। संदिग्ध स्थिति में तुरंत 112 या नजदीकी थाने को सूचना देनी चाहिए। इस मामले में पुलिसकर्मियों की सतर्कता से फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ में आ गया।


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