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गुरुवार, 17 सितंबर 2026
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फिरोजाबाद में गली की सरकारी इंटरलॉकिंग ईंटें चोरी करने का आरोप, पार्षद समेत दो पर मुकदमा दर्ज

वार्ड 52 में गली के पुनर्निर्माण से पहले लगी ईंटें उखाड़कर बेचने का आरोप है। पार्षद ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के कारण मुकदमा कराया गया।

फिरोजाबाद में गली की सरकारी इंटरलॉकिंग ईंटें चोरी करने का आरोप, पार्षद समेत दो पर मुकदमा दर्ज
प्रतीकात्मक तस्वीर: सड़क पर लगी पेवर ईंटें — फोटो: Ingwik / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

फिरोजाबाद | शहर के वार्ड 52 में गली के निर्माण कार्य से पहले वहां लगी सरकारी इंटरलॉकिंग ईंटें गायब होने का मामला अब थाने पहुंच गया है। रामगढ़ थाना पुलिस ने इस मामले में वार्ड पार्षद समेत दो लोगों के खिलाफ चोरी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पार्षद ने आरोपों से इनकार किया है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार वार्ड 52 की एक गली के पुनर्निर्माण का ठेका एक निर्माण फर्म को दिया गया था। आरोप है कि काम शुरू होने से पहले ही गली में पहले से लगी इंटरलॉकिंग ईंटों को उखड़वा लिया गया और एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। इस संबंध में एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें कथित तौर पर ईंटें हटाए जाने का दृश्य बताया जा रहा है।

मामले की शिकायत 8 सितंबर को नगर निगम के एक अवर अभियंता की ओर से पुलिस को दी गई थी। जांच के बाद पुलिस ने पार्षद और ईंटें खरीदने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

पार्षद ने कहा- साजिश के तहत फंसाया

वहीं, आरोपी पार्षद का कहना है कि उन पर लगाया गया आरोप निराधार है। उनका दावा है कि उन्होंने अपने वार्ड में हो रहे निर्माण कार्यों की खराब गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की थीं और उन्हीं आवाजों को दबाने के लिए यह मुकदमा दर्ज कराया गया है।

अब जांच पर टिकी नजर

  • स्थान: वार्ड 52, थाना रामगढ़ क्षेत्र
  • आरोप: गली में लगी सरकारी इंटरलॉकिंग ईंटें उखाड़कर बेचने का
  • कार्रवाई: पार्षद समेत दो लोगों पर मुकदमा दर्ज
  • पार्षद का पक्ष: आरोप झूठे, गुणवत्ता की शिकायतों के कारण फंसाने का दावा

पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

सरकारी संपत्ति से जुड़े इस मामले ने शहर में स्थानीय विकास कार्यों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि निर्माण से पहले और बाद में सामग्री का सही हिसाब रखने की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए, ताकि इस तरह के विवाद न हों।

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शहर डेस्क · संपादकीय डेस्क

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