नई दिल्ली | मानसून के आखिरी दौर में राजधानी में डेंगू के मामलों ने रफ्तार पकड़ ली है। दिल्ली नगर निगम (MCD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस साल अब तक डेंगू के 432 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 121 मामले सितंबर में 12 तारीख तक सामने आए हैं, जो इस साल किसी एक महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है। पिछले एक सप्ताह में ही 71 नए संक्रमण दर्ज हुए।
कौन से इलाके ज्यादा प्रभावित
नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक मामले पश्चिमी दिल्ली जोन में मिले हैं। इसके बाद मध्य दिल्ली और शाहदरा उत्तर जोन का स्थान है।
- पश्चिमी जोन: 57 मामले
- मध्य जोन: 54 मामले
- शाहदरा उत्तर जोन: 50 मामले
राहत की बात यह है कि कुल आंकड़ा अब भी पिछले वर्षों की इसी अवधि से कम है। वर्ष 2025 में इस समय तक 619, 2024 में 709 और 2023 में 2,097 मामले दर्ज हुए थे।
निगम की कार्रवाई
MCD ने मच्छर नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। निगम के अनुसार अब तक 2.79 करोड़ घरों की जांच की गई, जिनमें से करीब 1.47 लाख घरों में मच्छर का लार्वा मिला। इस सिलसिले में 1.10 लाख कानूनी नोटिस भी जारी किए गए हैं।
बारिश के बाद ज्यादा खतरा
चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ, ठहरे पानी में पनपता है। विशेषज्ञों के मुताबिक समस्या सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि बारिश के बाद जगह-जगह जमा रह जाने वाला पानी है। स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (NCVBDC) की सलाह के अनुरूप ये सावधानियां अपनाएं:
- कूलर, गमलों की ट्रे, बाल्टी और टायर जैसे बर्तनों में पानी जमा न होने दें, इन्हें हफ्ते में कम से कम एक बार खाली करें
- पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें
- पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें
- एडीज मच्छर दिन में ज्यादा काटता है, इसलिए दिन के समय भी सतर्क रहें
लक्षण दिखें तो देरी न करें
तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, बदन व जोड़ों में दर्द और चकत्ते डेंगू के आम लक्षण हैं। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना और अत्यधिक कमजोरी खतरे के संकेत हो सकते हैं। बुखार होने पर खुद से दर्द निवारक दवाएं, खासकर एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन, न लें। लगातार बुखार या इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं और डॉक्टर की सलाह लें।


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