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गुरुवार, 17 सितंबर 2026
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राष्ट्रीय पोषण माह 2026 शुरू: वाराणसी से 'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' अभियान का आगाज

9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले नौवें पोषण माह में आहार विविधता, प्रोटीन सेवन, गर्म पका भोजन और मातृ स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रहेगा।

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 शुरू: वाराणसी से 'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' अभियान का आगाज
एक आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चे और कार्यकर्ता (प्रतीकात्मक तस्वीर) — फोटो: Jaisuvyas / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

वाराणसी | देशभर में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय पोषण माह 2026 की शुरुआत हो गई है। इस नौवें संस्करण का औपचारिक शुभारंभ 9 सितंबर को वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और प्रदेश की बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य मौजूद रहीं।

इस बार की थीम

पोषण माह 2026 की थीम 'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' रखी गई है। इसका मकसद आंगनवाड़ी केंद्रों के कामकाज में नागरिकों, परिवारों और स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाना है। अभियान 8 अक्टूबर तक चलेगा।

पांच प्रमुख फोकस क्षेत्र

  • आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन का सेवन
  • आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा, गर्म पका भोजन
  • आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों और पूरक पोषण मेन्यू बोर्ड के जरिए सामुदायिक स्वामित्व
  • प्रारंभिक बचपन में पोषण और मानसिक-शारीरिक विकास के लिए प्रोत्साहन
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 10 वर्ष

आंकड़ों में आंगनवाड़ी नेटवर्क

आधिकारिक जानकारी के अनुसार देश में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जिनके जरिए करीब 7.5 करोड़ बच्चों, 1.10 करोड़ गर्भवती व धात्री महिलाओं और 16 लाख किशोरियों तक सेवाएं पहुंचती हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 4.65 करोड़ माताओं को करीब 21,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 24,000 आंगनवाड़ी केंद्रों को 'सक्षम आंगनवाड़ी' के रूप में उन्नत करने की मंजूरी दी गई है।

2018 में पोषण अभियान शुरू होने के बाद से देशभर में 150 करोड़ से अधिक जनभागीदारी गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं।

घर पर भी रखें पोषण का ध्यान

विशेषज्ञों और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बच्चों व महिलाओं की थाली में अनाज के साथ दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दूध या दूध से बने उत्पाद शामिल होने चाहिए। शिशु को पहले छह महीने केवल मां का दूध देना और उसके बाद उचित पूरक आहार शुरू करना जरूरी है। गर्भवती महिलाएं आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां नियमित रूप से लें और समय पर जांच कराएं। बच्चे का वजन न बढ़ने, खून की कमी या कमजोरी के लक्षण दिखें तो नजदीकी आंगनवाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और डॉक्टर की सलाह लें।

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स्वास्थ्य डेस्क · संपादकीय डेस्क

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