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गुरुवार, 17 सितंबर 2026
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WHO ने चिली को कुत्तों से फैलने वाले रेबीज से मुक्त घोषित किया, दक्षिण अमेरिका का पहला देश बना

10 दिन पहले भूटान को भी यही मान्यता मिली थी। भारत जैसे देशों के लिए यह उपलब्धि रेबीज नियंत्रण की दिशा में अहम सबक मानी जा रही है।

WHO ने चिली को कुत्तों से फैलने वाले रेबीज से मुक्त घोषित किया, दक्षिण अमेरिका का पहला देश बना
एक पालतू कुत्ते को रेबीज का टीका लगाते पशु चिकित्सक (प्रतीकात्मक) — फोटो: U.S. Navy / Wikimedia Commons (Public domain)

जिनेवा | विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 14 सितंबर को चिली को कुत्तों के जरिए इंसानों में फैलने वाले रेबीज को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में खत्म करने के लिए मान्यता दी। इसके साथ ही चिली यह उपलब्धि हासिल करने वाला दक्षिण अमेरिका का पहला देश बन गया है। WHO के अनुसार वहां कुत्ते से इंसान में रेबीज का आखिरी मामला 1972 में दर्ज हुआ था।

पांच दशक की मेहनत

WHO का कहना है कि यह सफलता 50 से अधिक वर्षों के लगातार प्रयासों का नतीजा है। चिली ने जिन उपायों को अपनाया, उनमें प्रमुख हैं:

  • कुत्तों और बिल्लियों का बड़े पैमाने पर टीकाकरण, जिसमें घर-घर अभियान भी शामिल
  • मजबूत रोग निगरानी और प्रयोगशाला जांच व्यवस्था
  • काटे जाने के बाद दिए जाने वाले इलाज (पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस) की मुफ्त उपलब्धता
  • समुदाय में जागरूकता कार्यक्रम और सीमावर्ती इलाकों में जोखिम का आकलन

WHO महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसस ने कहा कि यह मान्यता रेबीज से समुदायों की रक्षा के प्रति दशकों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह चिली की दूसरी बड़ी उपलब्धि है, इसी साल वह कुष्ठ रोग उन्मूलन के लिए भी WHO से सत्यापित हो चुका है।

भूटान भी इसी सूची में

इससे ठीक 10 दिन पहले, 4 सितंबर को WHO ने भारत के पड़ोसी देश भूटान को भी कुत्तों से फैलने वाले मानव रेबीज के उन्मूलन के लिए मान्यता दी थी। अमेरिका महाद्वीप में 1983 के बाद से कुत्तों से होने वाले मानव रेबीज के मामलों में 98 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है।

भारत के लिए क्या मायने

WHO के मुताबिक कुत्तों से फैलने वाला रेबीज आज भी हर साल हजारों लोगों की जान लेता है और इनमें से अधिकांश मौतें एशिया और अफ्रीका में होती हैं। भारत में भी यह एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है। रेबीज एक बार लक्षण आने के बाद लगभग हमेशा जानलेवा होता है, लेकिन समय पर इलाज से इसे पूरी तरह रोका जा सकता है।

कुत्ता काटे तो क्या करें

  • घाव को तुरंत बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक धोएं
  • घाव पर मिर्च, तेल या कोई घरेलू लेप न लगाएं
  • बिना देर किए नजदीकी सरकारी अस्पताल जाएं, जहां एंटी-रेबीज टीका उपलब्ध होता है
  • टीके का पूरा कोर्स समय पर पूरा करें

पालतू कुत्तों का नियमित टीकाकरण कराएं। किसी भी जानवर के काटने या खरोंच को हल्के में न लें और डॉक्टर की सलाह लें।

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स्वास्थ्य डेस्क · संपादकीय डेस्क

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