Agenda Post
गुरुवार, 17 सितंबर 2026
विज्ञापन
Agenda Post — यहाँ विज्ञापन दें
Agenda Post — यहाँ विज्ञापन दें

सर्वाइकल कैंसर से बचाव की मुहिम: देश में HPV टीकाकरण 80 लाख के पार, यूपी ने पूरा किया लक्ष्य

फरवरी में शुरू हुए राष्ट्रीय अभियान के तहत 14 वर्ष की बालिकाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त एकल डोज टीका दिया जा रहा है।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव की मुहिम: देश में HPV टीकाकरण 80 लाख के पार, यूपी ने पूरा किया लक्ष्य
HPV वैक्सीन का पैक (प्रतीकात्मक तस्वीर) — फोटो: Aveaoz / Wikimedia Commons (CC0)

नई दिल्ली | गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम के लिए चल रहे राष्ट्रीय ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) टीकाकरण अभियान ने 80 लाख टीकों का आंकड़ा पार कर लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 11 सितंबर को यह जानकारी साझा की। यह उपलब्धि अभियान शुरू होने के करीब साढ़े छह महीने के भीतर हासिल हुई है।

फरवरी में हुई थी शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी को राजस्थान के अजमेर से इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत 14 वर्ष की बालिकाओं को HPV का टीका दिया जा रहा है। अभियान की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:

  • एकल डोज वाला Gardasil-4 टीका पूरी तरह मुफ्त
  • टीका स्वैच्छिक है और माता-पिता की सहमति अनिवार्य
  • आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध
  • U-WIN पोर्टल के जरिए पंजीकरण की सुविधा
  • टीकाकरण स्थलों पर मेडिकल ऑफिसर की मौजूदगी और टीके के बाद किसी प्रतिकूल प्रभाव से निपटने की व्यवस्था

उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में पूरा कवरेज

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम ने अपनी लक्षित आबादी का पूरा कवरेज हासिल कर लिया है। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, ओडिशा और मिजोरम अभियान में अग्रणी राज्यों में गिने जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग स्कूलों, स्थानीय निकायों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर बालिकाओं तक पहुंच बना रहा है।

क्यों जरूरी है यह टीका

मंत्रालय के मुताबिक सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है और HPV टीका इसकी रोकथाम में अहम भूमिका निभाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी किशोरियों को यौन सक्रियता की उम्र से पहले यह टीका देने की सिफारिश करता है, क्योंकि उस अवस्था में इसका लाभ सबसे अधिक होता है।

विशेषज्ञों ने बताया है कि अभियान के दौरान सोशल मीडिया पर टीके को लेकर भ्रामक बातें भी फैलाई गईं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें।

जांच भी है जरूरी

टीकाकरण के साथ-साथ वयस्क महिलाओं के लिए नियमित स्क्रीनिंग भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर सर्वाइकल कैंसर जांच के बारे में जानकारी ले सकती हैं। किसी भी तरह के असामान्य रक्तस्राव या लक्षण पर डॉक्टर की सलाह लें।

यह खबर शेयर करें
स्वास्थ्य डेस्क · संपादकीय डेस्क

स्वास्थ्य डेस्क आपके लिए Agenda Post न्यूज़रूम से ताज़ा खबरें लेकर आता है।

स्वास्थ्य डेस्क की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।